केजरीवाल सरकार की ऑड-इवेन योजना को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। मंगलवार को एक वकील की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि इस योजना में महिला ड्राइवरों को छूट दी गई है, जोकि समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
दिल्ली हाई कोर्ट में यह याचिका अधिवक्ता शाश्वत भारद्वाज की तरफ से दायर याचिका की गई है। ऑड-ईवन योजना को इस आधार पर लागू करने के फैसले को रद करने की मांग की गई है कि महिला ड्राइवरों को छूट देना समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। इस याचिका पर चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच एक नवंबर को सुनवाई करेगी।
बता दें कि दिल्ली में ऑड-इवेन स्कीम 4 नवंबर से 15 नवंबर तक लागू किया जा रहा है। यह नियम सोमवार से शनिवार तक सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेगा। ऑड-इवेन में दो पहिया वाहन चालकों को छूट मिलेगी। जबकि रविवार को यह नियम लागू नहीं होगा। ऑड-इवेन का उल्लंघन करने पर चार हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। केजरीवाल सरकार ने ऑड-इवेन से महिलाओं को छूट दी है। इसके अलावा दिव्यांगों को भी इससे छूट मिलेगी। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्री खुद ऑड इवेन के दायरे में रहेंगे।
इन्हें दी गई है छूट
- राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- केंद्रीय मंत्री
- सुप्रीम कोर्ट के जज
- मुख्य चुनाव आयुक्त
- कैग
- राज्यसभा के उपसभापति
- लोकसभा अध्यक्ष
- डिप्टी लोक सभा स्पीकर
- दिल्ली हाई कोर्ट के जज
- उप राज्यपाल