नई दिल्ली - नागरिकता संशोधन बिल के पास होने के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध शुरू हो गया है। इसी बीच सोमवार को गृह मंत्रालय ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया। इसके मुताबिक, नागरिकता कानून से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अवैध प्रवासियों को अपने-आप भारत की नागरिकता नहीं मिलेगी।
यह नियम हिंदू सहित अन्य पांच समुदायों के प्रवासियों पर लागू होगा। व्यक्ति विशेष को जरूरी मापदंड पूरे करने पर ही नागरिकता दी जाएगी। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “नए कानून का यह अर्थ नहीं है कि सभी अवैध प्रवासियों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी। उन्हें नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा, इसके बाद सक्षम अधिकारी इस पर विचार करेंगे। किसी भी आवेदक को निर्धारित मापदंड पूरे करने पर ही भारतीय नागरिकता दी जाएगी।”
नागरिकता कानून के विरोध में रविवार रात जामिया यूनिवर्सिटी में रविवार को उग्र प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने 4 बसों समेत 8 वाहन फूंक दिए। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों की पत्थरबाजी के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें 60 से ज्यादा छात्र जख्मी हुए। एएमयू और जामिया प्रशासन ने 5 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी है।