दिल्ली। देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेलवे (भारतीय रेलवे) अब तेज रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। एक जून से सौ जोड़ी ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी। टिकट बुकिंग के लिए शुक्रवार से ही काउंटर खुल गए हैं। कोरोना परिस्थिति और लॉकडाउन के बीच श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने में रेल मंत्रालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रेलवे की ओर से इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो. यात्रियों को राहत देने के लगातार प्रयासों के बीच रेल मंत्रालय ने अब अगले 10 दिनों में 2600 और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. बता दें कि भारतीय रेलवे ने 1 मई से पूरे देश में 2,600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है. जिसके तहत देशभर में 45 लाख से अधिक लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है. वहीं, अगले 10 दिनों में 2,600 और ट्रेनों के संचालन की योजना है.
अगले 10 दिनों में 36 लाख लोग कर सकेंगे यात्रा
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने शनिवार को कहा कि हमने दूसरे राज्यों में फंसे हुए प्रवासी कार्यगारों और मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने के लिए 1 मई से श्रमिक विशेष गाड़ियों को शुरू करना शुरू कर दिया है। अब तक 2,600 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा चुका है। यादव ने रेलवे की भविष्य की योजनाओं पर कहा कि राज्य सरकारों के साथ रेलवे ने अगले 10 दिनों के लिए एक योजना तैयार की है। आने वाले दस दिनों में 2,600 ट्रेनें संचालित होने वाली हैं और हम 36 लाख से अधिक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सकते हैं।
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स्रोत आजतक