नीतीश सरकार के सुसाशन में 263 करोड़ से बनी सत्तरघाट महासेतु मटियामेट


बिहार: बिहार के गोपालगंज में 263 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु उद्घाटन के एक महीने के अंदर ही पानी में बह गया है। बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सत्तरघाट महासेतु का उद्घाटन किया था। पर यह पुल गंडक नदी के तेज बहाव का दबाव झेल नहीं सका और बैकुंठपुर प्रखंड के खोम्हारीपुर में पुलिया के पास सड़क टूट गया। इसकी वजह से उत्तर बिहार के कई जिलों का संपर्क टूट गया है।


इस बीच, बुधवार की शाम अधिकारियों की एक टीम हालात का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने दावा करते हुये कहा – पानी का तेज बहाव कम होने के बाद चार से पांच दिन में सड़क को आवामगन के लायक बना दिया जायेगा। इस पुल को बनाने में 8 साल लगे और बहने में 8 मिनट।
इस योजना के अंतर्गत सभी पुल, पुलिया और संपर्क पथ के निर्माण में 263.48 करोड़ की राशि खर्च हुई है। यह पुल गोपालगंज, सारण और सीवान की सीमा से पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर की सीमा को जोड़ता है। सत्तरघाट महासेतु के एप्रोच सड़क के ध्वस्त होने पर बिहार के पुर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को घेरा है।
उन्होंने ट्वीट किया- 8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया। खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंह दिखाई है। इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते हैं।