जौनपुर। एक तरफ एसपी राजकरन नैय्यर महिला अपराध को लेकर गंभीर है तो दूसरी तरफ उनके मातहत महिलाओं के अपराध पर जरा भी तवज्जो नही दे रहे है।महिलाओं पर हो रहे अपराध व अत्याचार का मुकदमा दर्ज करने को कौन कहे बरसठी थाने के इंस्पेक्टर महिलाओं को डांट कर भगा दे रहे है।जिससे क्षेत्र में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहा है।इसका उदाहरण दोपहर में थाने पर देखने को मिला।क्षेत्र के लालीपुर बनकट गांव की महिला सुमित्रा देवी थाने पर चोटिल अवस्था मे पहुँची तो पुलिस उसकी बात सुनने के बजाय थाने से यह कहते हुए भगा दिया कि जाओ प्राइवेट में इलाज कराओ ठीक होने पर थाने आना।महिला ने बताया कि रात में पड़ोस का एक युवक शराब पीकर घर मे घुस गया।आरोप है कि सोते समय शराबी युवक ने शरीर की छुआ तो नीद खुल गयी।चिल्लाते हुए विरोध किया तो वह मारने पीटने लगा।जिससे कान में पहने झुमका से कान छिन गया।पिटाई से महिला को काफी चोट आयी है।पिटाई व छीना झपटी में उसका कान कट गया है जिससे खून निकल रहा था।शोर सुनकर वृद्ध ससुर को आता देख युवक फरार हो गया।रात में ही आसपास के लोग सुबह में मामला सुलझाने के लिए कहकर शान्त करा दिया लेकिन सुबह किसी ने कुछ नही किया।महिला दोपहर में शिकायत लेकर थाने पहुँची तो आरोप है कि थानाध्यक्ष ने महिला को यह कहते हुए भगा दिया कि जाओ पहले इलाज कराओ।महिला के घर पर वृद्ध ससुर के अलावा किसी के न होने पर वह हँसिया स्थित अपने मायके पहुँचकर आप बीती बतायी तो उसकी माँ ने सीएचसी पर जाकर इलाज कराया।आआये दिन हो रहे महिला अपराध पर बरसठी पुलिस गंभीर नही है।
(AJAY KUMAR SAINI)