क़स्बे में झोलाछाप डाक्टरों का बोलवाला

 


मड़ियाहूं : स्थानीय  क़स्बे में झोलाछाप डाक्टरों की दुकाने सज गई है , हालत यह है की इन झोलाछाप डाक्टरों की दुकानों पर एमबीबीएस, एम् डी के बोर्ड लगाए गए है , इन बोर्डो के सहारे झोलाछाप डाक्टरों की चांदी काट रही है स्वास्थ्य महकमा सब जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है !

                      झोलाछाप डाक्टरों के प्रैक्टिश करने का अलग ही तरीका है , भोली भाली जनता के साथ आये मरीजों को इलाज के लिए ले लेते है चाहे जो भी मर्ज हो ! हर मर्ज का इलाज करने का इस तरह से दवा करते है की मरीजों के साथ आये लोग उनके झांसे में पद जाते है , यह झोलाछाप डाक्टर  मरीजों का तब तक इलाज करते है जब तक उनका शोषन   न कर ले, हालत गंभीर होने पर वह पहले से निर्धारित नर्सिंग होम में भेज देते है !

                झोलाछाप डाक्टरों की दोनों तरफ से चांदी है ,स्वयं शोषण करने के बाद भेजे गए नर्सिंग होम से भी कमिशन लेते है , यही हॉल पैथोलॉजी सेंटर ,अल्ट्रासॉउन्ड संचालको का है सारा खेल कमीशन खोरी पर चल रहा है ! सूत्र बताते है की झोलाछाप डाक्टर जिन एमबीबीएस डाक्टरों की अपने दुकान पर बोर्ड लगवाते है उनको हर महीने मोटी रकम पंहुचा देते है !

                   एमबीबीएस डाक्टरों के बोर्ड की आड़ में चल रहा है खेल 


       ज्ञातव्य हो की केवल मड़ियाहूं कसबे में सैकड़ो झोलाछाप डाक्टर अपनी दुकाने सजाकर मरीजों के आने का इंतजार करते हुए देखे जाते है , इन झोलाछाप डाक्टरों में कोई आठवीं पास है तो कोई हाई स्कूल पास है ,जिनके पास मेडिकल सम्बंधित कोई डिग्री नहीं है लेकिन एमबीबीएस डाक्टरों के बोर्ड लगाकर धड़ल्ले से  मरीजों का इलाज कर रहे है ! 

        जब स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ अभियान चलता है तो ये डाक्टर भूमिगत हो जाते है और जैसे ही अभियान ठंढा होता है तो इनकी दुकाने सज जाती है , मड़ियाहूं तहसील का ऐसा कोई बाजार नहीं है जहाँ झोलाछाप डाक्टरों का वर्चस्व न हो !

             झोलाछाप डाक्टर इलाज करने के साथ साथ नर्सिंग होमों के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे है ,सूत्र बताते है की स्वास्थय विभाग के उच्च अधिकारी इन झोलाछाप डाक्टरों पर इसलिए हाथ नहीं डालते है क्योंकि हर महीने मोटी रकम विभाग के आलाअधिकारियो के पास पहुंच जाती है , स्वास्थ्य विभाग के इस रवैये की वजह से ही मड़ियाहूं में कई झोलाछाप डाक्टर ४०-४० साल से अपनी दवाखाना चला रहे है !