जौनपुर। बरसठी क्षेत्र के मनौरा गांव में कल्लू राम माली अपने पत्नी श्याम माली के साथ पितरों की पूजा और उनकी आत्मा को शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करने के लिए गया तीर्थ स्थल के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि कल्लू राम सपत्नी तथा परिजनों के साथ घर में कर्मकांड व पूजन अर्चन करने के बाद पूरे गांव में गाजे बाजे के साथ भ्रमण करने के बाद वह गया तीर्थ स्थल के लिए रवाना हो गए। माना जाता है कि पितृ पक्ष के 15 दिनों में पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पितृ की मुक्ति होती है विद्वान पंडितों का कहना है कि पितृगण तिथि आने पर वह वायु रूप में घर के दरवाजे पर दस्तक देते है , वह अपने स्वजनों से साथ की इच्छा रखते है । जब उनके पुत्र या कोई सगे संबंधी श्राद्ध कर्म करते है , तो उनकी मुक्ति होती है पितरों की प्रसन्नता से परिवार दीर्घायु होता है इस अवसर पर लल्लू राम माली, लालजी माली, अशोक माली, रमेश , त्रिभुवन, अर्जुन, कैलाश, मनबोध, जाेखन, पन्नालाल, जियालाल, दिनेश, राहुल माली, आदि लोग मौजूद रहे।
अजय सैनी (बरसठी)