गंगा-यमुना का जलस्तर 10 सेमी बढ़ा, सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश


 प्रयागराज: गंगा-यमुना के जलस्तर वृद्धि की गति बीते 24 घंटे में 10-10 सेमी बढ़ा है। यह लगातार 12 वां दिन है जब संगमनगरी में दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ना जारी है। मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्षा का पानी यमुना की सहायक नदियों के माध्यम से यहां पहुंच रहा है। बांध और बैराज से छोड़ा पानी भी निरंतरता बनाए हुए है।  ऐसे में अभी नदियों के औसत रूप से घटने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड की ओर से बताया कि बाहर से छोड़े जाने वाले पानी को कम किया गया है। इस कारण से प्रयागराज में जल स्तर बढ़ने की रफ्तार में कमी है।कछारी इलाके में पानी घुसने की गति औसत रही। महेवा कछार, देवरथ, मवैया आदि गांवों में पानी बढ़ने के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। शनिवार को हल्की बूंदाबांदी भी हुई। सिंचाई विभाग का मानना है कि अभी अगले कई दिनों तक दोनों नदियों के जलस्तर घटने के आसार नहीं हैं। बाहर से पानी आने का क्रम भी अभी जारी रहेगा।

,दशासुमेरघाट,  नागवासुकी, छतनागघाट, फाफामऊ, अन्य घाटों पर चौकसी बढ़ा दिया गया है। जलपुलिस,  गोताखोरों, पुलिसकर्मियों एवं पीएसी के जवानों को अलर्ट  कर दिया गया है, जिसमें 550 नावें एवं 45 सटीमरो,  की व्यवस्था कर दिया गया है,आने  वाले अतिथियों के अस्नान  घाटों की सुरक्षा बढ़ा दिया गया हैं।5   जगहों  में बनाये पीपे  के पुलों  में 210  बह गये, सिंचाई  विभाग  बाढ़  खंड  अधिकारियों  के अनुसार 85,मीटर खतरे  निशान निश्चित किया गया  है, जिसमे  गंगा फाफामऊ में 78,३६ मीटर,एवं  यमुना  नैनी  75,33  मीटर,  छतनाग में गंगा एवं  यमुना 75,20मीटर  दर्ज किया  गया है, गंगा एवं यमुना  की स्तिथि  को  देखते  हुए सिंचाई  विभाग  बाढ़  खंड अधिकारी तो  उससे  रिलेटेड समस्त सुरक्षा  कर्मियों  को  सदैव  अलर्ट  रहने  का   दिशानिर्देश  दिया   जा रहा  है  

अनिल श्रीवास्तव की रिपोर्ट