मड़ियाहूं : स्थानीय नगर पंचायत में अध्यक्ष पति द्वारा शासनादेश दिनांक 10-10-2012 का उल्लंघन करके नगर पंचायत कार्यालय मडियाहू में बैठकर प्रेस वार्ता के दौरान दिनांक 31.05.2024 को अपने यूट्यूब चैनल वैभव उजाला पर संबंधित रिपोर्टर शिवम पांडे द्वारा तथा कथित कमाल अख्तर फारुकी द्वारा नगर पंचायत कार्यालय मडियाहू में शासनादेश का उल्लंघन कर प्रेस वार्ता के दौरान कही गई अनर्गल व झूठी बातें जो रवि कुमार केशरी पत्रकार दैनिक मान्यवर पर आरोप लगाते हुए कही गई थी। उसका समर्थन अधिशासी अधिकारी एवं अध्यक्ष रुकसाना फारूकी के बयान में नहीं आया था जिस कारण से भी कमाल अख्तर फारूकी द्वारा कही गई बातें झूठी व असत्य साबित होती हैं। उसका सही सत्यापन न करने के कारण और रवि कुमार केशरी का पक्ष न जानने तथा बाद में शिवम पांडे द्वारा सही जानकारी प्राप्त करने पर यह ज्ञात हुआ कि पत्रकार रवि कुमार केशरी पत्रकार न तो लाइसेंसी ठेकेदार है, और न तो उनके पास ठेकेदारी का लाइसेंस है, न ही नगर पंचायत मडियाहू में नियमानुसार उन्होंने कोई ठेकेदारी का शुल्क जमा करके प्रमाण पत्र लिया है। इस हिसाब से ठेकेदारी करने का प्रश्न ही नहीं पैदा होता। केवल अपनी गलत बातों तथा नगर पंचायत द्वारा नगर में कमाल अख्तर फारूकी के निर्देश पर हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कमाल अख्तर फारूकी द्वारा शासनादेश उत्तर प्रदेश सरकार दिनांक 10-10-2012 का उल्लंघन करके दबाव बनाने के लिए गलत व झूठी बातों का आरोप पत्रकार रवि कुमार केशरी पर लगाया गया था। सत्यता की जानकारी होने पर शिवम् पांडेय ने अपने यूट्यूब चैनल से उस समाचार को डिलीट कर दिया और शिवम पांडे द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया कि अपने यूट्यूब चैनल पर इसके लिए खेद प्रकाशित करेंगे और उन्होंने लिखित रूप से दिनांक 24.06.2024 को इसके लिए पत्रकार रवि कुमार केशरी से क्षमा याचना मांग ली है। सवाल यह की समाज को सच दिखाने की जिम्मेदारी उठाने वाले पत्रकार किसी के इशारे पर अपने ही पत्रकार साथी पर बिना तथ्य को समझे आरोप लगाकर खबर चला देते है और बाद में खेद ब्यक्त कर माफ़ी की नौबत आ जाती है , हालाँकि नगर पंचायत में अध्यक्ष पति किस ओहदे का इस्तेमाल कर अधिशाषी अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ प्रेस वार्ता करते है जबकि उनके प्रेस वार्ता में कोई दैनिक अख़बार का संवाददाता नहीं होता, है यू ट्यूबर जरूर होते है, जब भी कोई खबर नगर पंचायत की प्रकाशित होती है उसका जवाब एक खास पोर्टल और यू ट्यूब पर चलने वाली खबर से दे दिया जाता है जबकि पुरे तहसील में दर्जनों राष्ट्रीयकृत दैनिक अख़बार है !