![]() |
कथित भूमाफियाओ द्वारा गिराए गए पुराने मकान का एक हिस्सा |
मड़ियाहूं : भू माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही से विख्यात योगी सरकार के लिए रामपुर पुलिस की कारास्तानी भू माफियाओं को ही बढ़ावा देती देखी जा रही है, ज्ञात हो कि सत्ता दल से जुड़े मान्यवर कतिपय नेताओं और रामपुर पुलिस के मिली भगत से थाना क्षेत्र में भू माफियाओं का आतंक बढ़ने लगा है, ताजा मामला रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जोगापुर का है यहां स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार मौर्य का उनके निजी भूमि धरी जमीन में करीब 40 वर्ष पूर्व बनाई गई दलान और पंपसेट मशीन के कमरे को देर रात स्थानीय निवासियों द्वारा ही जेसीबी लगाकर गिराया जाने लगा, हो हल्ला और शोर गुल के बाद आरोपी भाग खड़े हुए, घटना बीते 15 मार्च के रात की है पीड़ित द्वारा इसकी लिखित शिकायत करने पर रामपुर थानेदार द्वारा हिला हवाली की गई और पीड़ित पक्ष को ही यह कहकर लौटा दिया गया कि आरोपी पक्ष सत्ता दल से जुड़ा प्रभावशाली है, उसके खिलाफ यह मामला दर्ज नहीं की जा सकता, आरोप है की पीड़ित पक्ष को रामपूर पोलिस बेरंग लौटा दी, पीड़ित राजेंद्र कुमार के अनुसार इसकी शिकायत पोलिस अधीक्षक से की गई, पीड़ित ने दावा किया की उसी के सामने पुलिस अधीक्षक ने रामपुर थानध्यक्ष को मामला दर्ज कर तत्काल कार्यवाही का निर्देश दिया , बावजूद इसके रामपुर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है,
बताया गया कि आरोपी अजय कुमार पटेल, राजेश कुमार और राजकुमार जायसवाल आदि सत्ता पक्ष से जुड़े नेता हैं इसमें अजय कुमार पटेल अपना दल यश का बड़ा पदाधिकारी बताया जा रहा है, ताज्जुब तो इस बात का है कि एसडीएम मड़ियाहूं सहित पुलिस अधीक्षक द्वारा रामपुर थानेदार को एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही का निर्देश देने के बावजूद थानेदार पर कोई असर ही नहीं हुआ, बताया जाता है कि ऐसी कुछ और घटनाएं सामने आई हैं जिसमें थानेदार की भूमिका पीड़ित के खिलाफ स्वयं विपक्षी बन जाने की रही है जन चर्चा है कि वर्तमान थानेदार का कार्यकाल भू माफियाओं को संरक्षण देने वाला है ऐसे में अपनी ही जमीन व मकान पर भूमाफियाओं की टिकी नजर से लोगों में दहसत है थानेदार के खिलाफ कार्यवाही की आवाज उठने लगी है I